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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. लगातार दो माह से रूक रूककर हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा दी है. बारिश की वजह से गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत डुमरा पंचायत के पालुबेड़ा व डुड़ांग गांव के मध्य जुड़िया में निर्मित सिकितदोहो पुलिया क्षतिग्रस्त हो गयी.
पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से सरायकेला व गम्हरिया प्रखंड के दो पंचायत हुदू व डुमरा के करीब 20 गांवों का संपर्क कांड्रा रेलवे स्टेशन, कांड्रा बाजार, गम्हरिया प्रखंड मुख्यालय व औद्योगिक क्षेत्र समेत स्कूल से टूट गया.
वर्तमान में साइकिल सवार व दोपहिया वाहन वाले तो अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन कर ही रहे है, लेकिन चारपहिया वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया है.
सुरक्षा की दृष्टीकोण से ग्रामीणों ने की बैरिकेटिंग
वर्तमान में पुलिया की स्थिति ऐसी हो गयी है कि शीघ्र मरम्मत नहीं कराये जाने से वह कभी भी ध्वस्त हो सकती है. घटना की सूचना के बाद ग्राम प्रधान धरमू माझी के नेतृत्व में काफी संख्या में ग्रामीण पुलिया पर पहुंचे.
साथ ही सुरक्षा की दृष्टीकोण से वृक्षों की डाली काट क्षतिग्रस्त जगह पर बैरिकेटिंग कर दिया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो. श्री माझी ने कहा कि उक्त पुलिया से होकर रोजाना करीब 15 हजार ग्रामीणों का आवागमन होता है.
वहीं गांव के मवेशी भी उसी पुलिया से होकर चरने जाते है. पुलिया क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के बीच आवागमन को लेकर परेशानी उत्पन्न हो गयी है. खासकर मरीज व स्कूल बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत शुरू हो गयी है.
ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन से उक्त पुलिया की मरम्मती शीघ्र कराने की मांग की गयी. बैरिकेटिंग करने के दौरान विनोद महतो, बिनूराम सोरेन, राजेश हेंब्रम, सुशील मार्डी, सोनाराम टुडू, बोसेन माझी, लोपसा मार्डी समेत ग्रामीण उपस्थित थे.
ये है प्रभावित गांव
पालुबेड़ा, खुदीबेड़ा, विश्रामपुर, पोड़ाडीह, कुनामार्चा, उदयपुर, तुमसा, कालाझोर, पालोबेड़ा समेत कई गांव व छह स्कूल के सैकड़ों बच्चे शामिल है.
करीब 55 वर्ष पूर्व एसकेजी कंपनी द्वारा बनवायी गयी थी पुलिया
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में पुलिया नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को जुड़िया पार करके ही आमागमन करना पड़ता था. इस दौरान बारिश के दिनों में जुड़िया भर जाने से ग्रामीणों का गांव से बाहर आना मुश्किल हो जाता था.
इसको देखते हुए करीब 55 वर्ष पूर्व एसकेजी कंपनी द्वारा उक्त पुलिया का निर्माण करवाया गया था. इस बीच एक बार मरम्मती भी करवायी गयी है. फिलहाल पुलिया जर्जर हो गयी है.
