आमडीह में बारिश से मिट्टी का मकान गिरा, दबने से बचा विस्थापित

दैनिक संवाद भारत अब TELEGRAM चैनल पर भी उपलब्ध https://t.me/dainiksamvadbharat

दैनिक संवाद भारत अब WHATSAPP चैनल पर भी उपलब्ध https://whatsapp.com/channel/0029VaATLkl4SpkMKpCec729

दैनिक संवाद भारत अब PINTEREST में भी उपलब्ध
https://pin.it/6HYuhQA

दैनिक संवाद भारत WHATSAPP GROUP से जुड़ने के लिए
https://chat.whatsapp.com/JJVqmqMRcDSBg6xl4qFYim

दैनिक संवाद भारत FACEBOOK से जुड़ने के लिए https://www.facebook.com/profile.php?id=100082944153253

दैनिक संवाद भारत FACEBOOK PAGE से जुड़ने के लिए
https://www.facebook.com/profile.php?id=100083330981312

सिर्फ QR CODE स्कैन करें और site में प्रवेश करें

सरायकेला-खरसावां, झारखंड. गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत दुग्धा पंचायत के आमडीह में शुक्रवार की रात करीब ढाई बजे भारी बारिश के कारण विस्थापित मनसा हेंब्रम का मिट्टी का मकान गिर गया. घटना के वक्त श्री हेंब्रम घर में अकेले थे. मकान को गिरते देख श्री हेंब्रम जमीन में घसीटते हुए जैसे-तैसे घर से बाहर निकल अपनी जान बचा ली.

इसके बाद घटना की जानकारी ग्रामीण सह झामुमो प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी को दी. सूचना पाकर तत्काल पहुंचे श्री माझी ने घटना की जानकारी लेते हुए अपने घर में रहने को शरण दिया.

श्री हेंब्रम ने बताया कि घर में वे अपनी मां के साथ रहते है. फिलहाल उसकी मां अपनी मायके गयी है. इसकी वजह से घटना की रात मनसा घर पर अकेले थे.

रात करीब ढाई बजे मकान टूटने की आहट पाकर वे जाग गये. जब तक कुछ समझ पाते तब तक मकान गिरने लगा. इस दौरान उसने जैसे तैसे बाहर निकल अपनी जान बचा ली. उक्त घटना में पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया.

इससे उसके बीच रहने को लेकर परेशानी उत्पन्न हो गयी है, जिसे झामुमो प्रखंड अध्यक्ष श्री माझी ने अपने घर पर रखा गया है. श्री माझी ने बताया पीड़ित परिवार आयडा (वर्तमान में जियाडा) का विस्थापित है.

श्री हेंब्रम समेत कई परिवार वर्ष 1963-64 में कंपनी के नाम पर विस्थापित होकर आमडीह में बसे है. करीब सात वर्ष पूर्व पीड़ित परिवार का आवास भी स्वीकृत हुई थी, लेकिन कुछ दबंग किस्म के लोगों द्वारा आवास निर्माण को जबरन रोक दिया गया.

वहीं जर्जर भवन की भी मरम्मती करवाने पर रोक लगा दी गयी थी. इसकी वजह से पीड़ित परिवार को मजबूरन जर्जर मिट्टी का घर में ही रहने को विवश होना पड़ रहा था, जो भारी बारिश की वजह से ध्वस्त हो गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!