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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. आदिवासी सोशियो-एजुकेशनल एंड कल्चरल एसोसिएशन (आसेका) की ओर से गम्हरिया स्थित संथाल सरना उमूल परिसर में ओलचिकी लिपि आधारित वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया गया. परीक्षा में कक्षा छह, सात, आठ, मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों ने भाग लिया.
परीक्षा पूरी तरह ओलचिकी लिपि में आयोजित की गई. परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभा रहीं इंविजीलेटर शकुंतला सोरेन और लक्ष्मी मार्डी ने बताया कि कक्षा छह से मैट्रिक तक के विद्यार्थियों के लिए सोशल साइंस और साइंस विषय की परीक्षा ली गई. वहीं इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों के लिए अंग्रेजी और हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई.
21 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
आयोजकों के अनुसार परीक्षा में कुल 21 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई. विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लेकर अपनी भाषाई दक्षता का प्रदर्शन किया.
भाषा-संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
आसेका के पदाधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य समाज के बच्चों को ओलचिकी लिपि, संथाली भाषा और आदिवासी संस्कृति के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करना है. उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव बनाए रखने के लिए इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे.
उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को बेहतर ढंग से समझ सकेगी तथा उनके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
