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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. कुछ दिन पूर्व गम्हरिया बाजार क्षेत्र में प्रशासन की ओर से चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उन टीन शेडों को हटा दिया गया, जो दुकानदारों और राहगीरों को धूप, बारिश और अन्य मौसमीय परेशानियों से बचाने के लिए लगाए गए थे, जबकि सड़क जाम की प्रमुख वजह बनने वाले अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.
स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार को भी सर्विस रोड पर लगी दुकानों के कारण करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही. इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों का कहना है कि सर्विस रोड पर लगने वाली कई दुकानें बाजार के अंदर मौजूद दुकानों के मालिकों द्वारा संचालित की जाती हैं.
बाजार के भीतर स्थित दुकानों का उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा है, जबकि व्यापार सड़क किनारे किया जा रहा है. इससे सड़क संकरी हो गई है और आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है.
नागरिकों ने बताया कि केवल सर्विस रोड ही नहीं, बल्कि बाजार के अंदर भी अतिक्रमण की समस्या गंभीर होती जा रही है. कई रास्तों पर दुकानों और सामान के फैलाव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. उनका कहना है कि किसी आगजनी, दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति में अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस का समय पर पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से औपचारिक कार्रवाई के बजाय जाम और अतिक्रमण की वास्तविक वजहों की पहचान कर निष्पक्ष एवं व्यापक अभियान चलाने की मांग की है. उनका कहना है कि चयनात्मक कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.
आज नहीं चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
वहीं, टीचर ट्रेनिंग मोड़ से संथाल सरना उमूल तक आठ जून को प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ अभियान निर्धारित तिथि पर शुरू नहीं हो सका. अंचल प्रशासन ने करीब दस दिन पहले सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था. साथ ही आठ जून को सुबह 11 बजे से अभियान चलाने की चेतावनी भी दी गई थी.
हालांकि निर्धारित तिथि पर क्षेत्र में अभियान को लेकर कोई गतिविधि नजर नहीं आई. इससे लोगों के बीच विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं. अंचल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण अभियान शुरू नहीं किया जा सका. प्रशासन द्वारा जल्द ही नई तिथि घोषित किए जाने की संभावना जताई जा रही है.
