छोटा गम्हरिया में वात्सल्य बालिका गृह का शुभारंभ, अब जरूरतमंद बच्चियों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. छोटा गम्हरिया स्थित एसएस प्लस टू हाई स्कूल के समीप वर्षों से बंद पड़े आदिवासी बालिका छात्रावास भवन में मिशन वात्सल्य के तहत संचालित वात्सल्य बालिका गृह का बुधवार को उद्घाटन किया गया.

इस केंद्र का संचालन जन सहभागी विकास केंद्र, झारखंड राज्य बाल संरक्षण के तत्वावधान में किया जा रहा है. उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डालसा सचिव तौसीफ मिराज उपस्थित रहे. दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया.

बताया गया कि यह बालिका गृह देख-रेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्थापित किया गया है. यहां बच्चियों को सुरक्षित वातावरण के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं समुचित देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

अपने संबोधन में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि इस केंद्र के शुरू होने से अब जिले और पूरे कोल्हान प्रमंडल के जरूरतमंद बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा.

उन्होंने बताया कि पूर्व में ऐसी सुविधा केवल चाईबासा में उपलब्ध थी, जिससे रेस्क्यू किए गए बच्चों को अन्य जिलों में भेजने में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. उन्होंने कहा कि इस बालिका गृह के संचालन से विशेष रूप से उन बच्चियों को लाभ मिलेगा, जिन्हें समाज या परिवार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है.

यहां उनके सुरक्षित आवास के साथ समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. उपायुक्त ने जानकारी दी कि केंद्र में शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण और मनोवैज्ञानिक परामर्श की भी व्यवस्था की जाएगी. इससे बच्चे आत्मनिर्भर बनकर जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकेंगे और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ पाएंगे.

कार्यक्रम में एडीएस निवेदिता राय, डीआरडीए निदेशक सोनी कुमारी, संस्था के सचिव प्रमोद कुमार वर्मा, डालसा के पीएलवी, विभिन्न थानों के बाल मित्र पुलिसकर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे.

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