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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. जब मनुष्य अपने जीवन को सदाचार, प्रेम और भक्ति से जोड़ता है, तब उसका जीवन सार्थक बनता है. मनुष्य यदि अपने जीवन और आचरण को सही दिशा में ढाल ले, तो वह वास्तविक सुख और शांति का अनुभव कर सकता है.
उक्त बातें देवघर स्थित सत्संग आश्रम के प्रशासक डॉ अनिंद्यद्युत चक्रवर्ती (बिंकी दा) ने गम्हरिया के रामचंद्रपुर मैदान में श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के 138वें जन्म वर्ष के अवसर पर आयोजित कृष्टि दीपा महोत्सव में कही.
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन ईश्वर का दिया हुआ अमूल्य अवसर है, जिसका उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति नहीं, बल्कि सच्चे आनंद और आत्मिक उन्नति की प्राप्ति है. मानव जीवन का प्रमुख कर्तव्य है कि वह अपने व्यवहार, कर्म और सेवा भाव के माध्यम से प्रभु को तृप्त करने का प्रयास करे.
डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को पूर्ण रूप से भगवान के चरणों में समर्पित कर देता है. उसके लिए जीवन की हर परिस्थिति कल्याणकारी हो जाती है. ऐसे व्यक्ति के लिए सुख-दुख, लाभ-हानि सभी अंततः उसके हित में ही होते हैं. इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे ईश्वर भक्ति, सदाचार और सेवा के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल और आनंदमय बनाएं.

महोत्सव की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे नहवत और उषा कीर्तन से की गयी. इसके बाद प्रातःकालीन विनती प्रार्थना एवं अमिय ग्रंथादि पाठ किया गया. तत्पश्चात सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक संगीतांजलि एवं इष्टप्रसंग का कार्यक्रम संचालित की गयी. वहीं दोपहर को उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भंडारा के बाद धर्मसभा (साधारण सभा) आयोजन हुआ, जिसमें आध्यात्मिक प्रवचन और विचार-विमर्श किया गया. वहीं कार्यक्रम का समापन संध्या 5:56 बजे संध्याकालीन विनती प्रार्थना एवं अमिय ग्रंथादि पाठ कर हुआ.
महोत्सव में झारखंड, बंगाल और ओड़िशा सहित विभिन्न राज्यों से करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 250 युवा वोलेंटियर क् साथ-साथ भव्य मंच, भोजन वितरण स्थल, बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाये गये थे.
महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक प्रार्थना का भी आयोजन हुआ.
इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष शंभू नाथ बोस, सचिव अरुण कुमार मन्ना, सह अध्यक्ष सुबोध पोद्दार, सह सचिव नंदलाल महतो, प्रशांत कुमार, संजू दा, भास्कर शरण, मुकेश महतो, रविशंकर बनर्जी, सुभाष मजुमदार, सजल घोष, विश्वजीत बेरा समेत अन्य सदस्य शामिल थे.
