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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत रापचा पंचायत के मोहनपुर स्थित आर्का जैन यूनिवर्सिटी में एक मामले को लेकर पहुंचे ग्रामीणों को प्रबंधन के प्रोवीसी अंगद तिवारी द्वारा गुंडा कहकर संबोधित करने से ग्रामीण भड़क गये.
इसको लेकर ग्रामीणों ने झामुमो गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी के नेतृत्व में प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल लिया. वहीं सोमवार को यूनिवर्सिटी जाने वाले बसों को सालडीह मोड़ में ही रोककर आक्रोश प्रकट किया गया.
इसकी सूचना पाकर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा पदाधिकारी मौके पर पहुंच ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए.
भोमरा माझी ने बताया कि शुक्रवार को संस्थान के बस के अंदर से एक छात्रा द्वारा झामुमो प्रखंड सहसचिव शंभू टुडू के ऊपर झूठ सेब फेंक दिया गया था. इसका विरोध करने पर शंभू को ही उल्टा धमकाया गया.
शंभू द्वारा इसकी सूचना जनप्रतिनिधियों को दी गयी. मामले को लेकर शनिवार को झामुमो प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी, सहसचिव शंभू टुडू, पूर्व मुखिया सोखेन हेंब्रम, प्रखंड प्रमुख पति वासुदेव बेसरा समेत कई जनप्रतिनिधि प्रोवीसी अंगद तिवारी से मिलकर मामले की जानकारी दी.
इस दौरान प्रोवीसी द्वारा जनप्रतिनिधियों को गुंडागर्दी नहीं करने की नसीहत दी. इससे जनप्रतिनिधि भड़क गये. साथ ही सोमवार को सभी बसों को रोक आक्रोश प्रकट किया गया. करीब पांच घंटा बाद पुलिस के हस्तक्षेप पर टायो गेट स्थित संथाल सरना उमूल में दोनों पक्षों के बीच वार्ता करायी गयी.
इसमें आपसी समझौता कर मामले को सुलझा लिया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन को वापस ले लिया. इस दौरान करीब छह घंटे तक यूनिवर्सिटी के बसों को सालडीह मोड़ के पास रोक कर रखा गया था. इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा.
वार्ता के दौरान प्रोवीसी अंगद तिवारी ने कहा कि मेरे द्वारा किसी प्रकार का गलत शब्द का उपयोग नहीं किया गया था. इसके बाद भी अगर वैसी बात है तो उसके लिए खेद है. उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमी हो गयी थी, जिसको सुलझा लिया गया.
