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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड रांची द्वारा दुर्गा पूजा उत्सव–2025 के अवसर पर सार्वजनिक हित एवं विधि–व्यवस्था के संधारण हेतु पूजा पंडाल समितियों एवं सरकारी अधिकारियों के लिए दिशा–निर्देश जारी करते हुए उनके कड़ाई से अनुपालन का आदेश दिया गया है.
उक्त के आलोक में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा सभी पूजा पंडाल समितियों एवं संबंधित अधिकारियों को दिशा–निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु पत्र निर्गत किया गया है.
साथ ही, संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्राधिकार अंतर्गत स्थित सभी पूजा पंडाल समितियों को माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों से अवगत कराते हुए दिशा–निर्देशों का संप्रेषण करें तथा उनके अनुपालन की निगरानी करें.
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा–निर्देश निम्न प्रकार है
🔹 पूजा पंडाल एवं मूर्ति निर्माण किसी भी स्थायी निर्माण, मकान, गोदाम, वाणिज्यिक स्थल, सड़क, गली, फुटपाथ अथवा रेलवे लाइन पर नहीं किया जाएगा.
🔹 विद्युत आपूर्ति एवं पंडाल निर्माण से संबंधित समस्त कार्य विभागीय अनुमति एवं मानकों के अनुरूप ही किए जाएंगे.
🔹 श्रद्धालुओं हेतु सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक व्यवस्था अनिवार्य होगी.
🔹 आपातकालीन स्थिति हेतु वैकल्पिक निकास द्वार की व्यवस्था अनिवार्य होगी.
🔹 अस्थायी पंडाल निर्माण भवन निर्माण विभाग के दिशा–निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा.
🔹 विद्युत तारों को सुरक्षित रखने हेतु आवश्यक सावधानी बरती जाएगी.
🔹 पंडाल स्थल पर अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.
🔹 पंडाल परिसर में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा.
🔹 ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय सीमा (रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक प्रतिबंधित) के अनुसार ही किया जाएगा.
🔹 विसर्जन यात्रा केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग, तिथि एवं समय पर ही निकाली जाएगी.
🔹 मूर्ति विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित घाटों/स्थलों पर ही किया जाएगा.
🔹 विसर्जन यात्रा में डीजे अथवा उच्च ध्वनि स्तर वाले ध्वनि उपकरणों का प्रयोग वर्जित रहेगा.
🔹 पंडाल परिसर एवं विसर्जन मार्ग पर CCTV कैमरे लगाने की व्यवस्था समिति द्वारा की जाएगी.
🔹 किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अथवा शांति भंग करने वाली गतिविधि वर्जित होगी.
🔹 समिति के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ शालीन एवं अनुशासित व्यवहार किया जाएगा.
🔹 पंडाल परिसर में स्वच्छता, पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
🔹 विधि–व्यवस्था एवं शांति–व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस बल की तैनाती की जाएगी तथा समितियों को पुलिस/प्रशासन का सहयोग करना अनिवार्य होगा.
🔹 विसर्जन यात्रा में हथियार, लाठी–डंडा या किसी भी प्रकार के घातक वस्तु ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.
🔹 मूर्तियों की ऊँचाई एवं स्वरूप राज्य सरकार/जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा.
🔹 विद्युत आपूर्ति हेतु केवल ताँबे के तारों का उपयोग किया जाएगा तथा विद्युत विभाग द्वारा निर्गत एसओपी का पालन करना होगा.
🔹 पंडाल पहुँचने के मार्ग एवं विसर्जन मार्ग पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं होगी.
🔹 श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
🔹 भीड़ प्रबंधन हेतु केवल एक प्रवेश एवं एक निकास द्वार होगा तथा आपात स्थिति हेतु अलग निकास की व्यवस्था की जाएगी.
🔹 महिला श्रद्धालुओं एवं कमजोर वर्ग की सुरक्षा हेतु पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती होगी.
🔹 विसर्जन यात्रा प्रशासन द्वारा निर्धारित समय एवं मार्ग के अनुसार ही संपन्न होगी.
🔹 बहुमंजिला भवन अथवा असुरक्षित स्थलों पर पंडाल निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.
🔹 दिशा–निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित समिति अथवा पदाधिकारी उत्तरदायी होंगे और उनके विरुद्ध विधि–सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी.
