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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. आदिवासी अस्मिता व अस्तित्व की रक्षा व धर्मांतरण पर रोक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर गम्हरिया में समाज के सदस्यों का महाजुटान होगा. कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर आदिवासी सांवता सुसार आखाड़ा के सदस्यों की बैठक जिला संयोजक सह पूर्व प्रमुख रामदास टुडू की अध्यक्षता में सरना उमूल में हुई. इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा व तैयारियों पर चर्चा की गयी.
श्री टुडू ने कहा कि महाजुटान के लिए 11 मई की तिथि निर्धारित की गयी है. गम्हरिया टायो गेट स्थित सरना उमूल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आखाड़ा के मुख्य संयोजक पूर्व मुख्यमंतिरी सह विधायक चंपाई सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे. वहीं कोल्हान के विभिन्न प्रखंडों से आदिवासी समाज के करीब 15 हजार लोगों का जुटान होगा, जिसमें देश परगाना, परगाना, माझी बाबा, नायके बाबा समेत समाज के महिला-पुरूष शामिल होंगे.
इसके लिए जनसंपर्क सह जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया गया. बैठक में प्रखंड संयोजक सोनाराम मार्डी, नायके प्रवीण सोरेन, मुखिया मोहन बास्के, परगाना नंदलाल टुडू, अविनाश सोरेन, बाबूराम मार्डी, सुजान हांसदा, पवन हांसदा, बीरेन सोरेन, भोला हेंब्रम, मनसा राम मुर्मू, मधु सोरेन, त्रिभुवन बेसरा समेत आखाड़ा के सदस्य उपस्थित थे.
धर्मांतरण गंभीर मामला, रोक लगाने को जारी रहेगा अभियान
श्री टुडू ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण एक गंभीर मामला बन गया है. इस पर रोक लगाने को लेकर सरकार द्वारा किसी प्रकार का कड़ा कदम नहीं उठाये जाने से आदिवासी समाज का अस्तित्व खतरे में आ गया है.
धर्मांतरण पर रोक लगाने को लेकर अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि आखाड़ा का प्रमुख उद्देश्य आदिवासी अस्मिता अस्तित्व की रक्षा, धर्मांतरण पर रोक लगाने, रूढ़िवादी प्रथा में मजबूती लाने, आदिवासी स्वशासन व्यवस्था व माझी परगाना महल की मजबूती को लेकर जागरूकता अभियान चलाना है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने लिया तैयारी की जानकारी
आदिवासी सांवता सुसार आखाड़ा के मुख्य संयोजक सह पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन भी सरना उमूल पहुंचे. इस दौरान वे बैठक में शामिल आखाड़ा के सदस्यों से मिले. साथ ही कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण व घुसपैठियों के खिलाफ शुरू की गयी अभियान जारी रहेगा. इसको लेकर 11 मई का महाजुटान एतिहासिक होगी.
