जेएसएफसी के उपनिदेशक ने सील खोल किया गम्हरिया गोदाम की जांच, कहा : जलने से ज्यादा बुझाने में हुआ बर्बाद

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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. गम्हरिया प्रखंड परिसर स्थित अनाज गोदाम में अगलगी की घटना की जेएसएफसी रांची के उपनिदेशक सुदीप कुमार व जेएसएफसी प्रबंधक रजनीश ने जांच की. इस दौरान पहुंची जांच टीम ने सील किये गये गोदाम को खोलवा कर गोदाम का जायजा लिया गया.

साथ ही मौके पर मौजूद पदाधिकारियों से घटना की जानकारी ली. करीब एक घंटे की जांच के बाद गोदाम को दोबारा सील कर दी गयी. उपनिदेशक सुदीप कुमार ने कहा कि अगलगी की घटना में अधिकांश बोरा जला है, लेकिन उसमें से अधिक चावल पानी से भींगने की वजह से खराब हुआ है, जो दोबारा उपयोग करने लायक नहीं है.

उन्होंने कहा कि विभाग का उदेश्य घटनास्थल की जांच कर खराब चावल का आकलन कर उसको दोबारा उपयोग करने को लेकर पहल करना था, लेकिन चावल को देखने से पता चल रहा है कि इसका उपयोग करना सही नहीं होगा.

इसके बाद भी चावल को लैब में भेज जांच करवाया जायेगा. टीम में डीएसओ पुष्कर सिंह मुंडा, लैब विशेषज्ञ लखींद्र, प्रभारी एमओ सुनील कुमार चौधरी, सीआइ प्रमोद कुमार समेत विभाग के कई कर्मी शामिल थे.

एक-एक बोरे की चावल को सूंघ-सूंघ कर किया गया जांच
जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने पूरे गोदाम परिसर का जायजा लिया. साथ ही गोदाम के अंदर हर जगह जाकर जली हुई बोरी को देखा. साथ ही बोरों में से जला हुआ चावल को सूंघ-सूंघ कर उसको परखा गया.

टीम के सदस्यों ने कहा कि कुछ बोरा जला है, जबकि कुछ बोरा सुरक्षित बचा है. जला हुआ चावल से गंध भी आ रही है. सुरक्षित बोरों को अलग कर उसकी जांच करवाने का प्रयास किया जायेगा, लेकिन सुरक्षित चावल आग बुझाने के क्रम में खराब हो गयी है. उसे खाने के उपयोग में लाना उचित नहीं होगा.
2500 क्विंटल अनाज आग की चपेट में आने की संभावना
टीम के सदस्यों ने बताया कि गोदाम में कितना अनाज था और कितना अनाज डीलरों तक पहुंचाया जा चुका है. उसका कोई रिकॉर्ड नहीं होने से वास्तविकता का पता नहीं चल पाया है, लेकिन गोदाम की स्थिति देख संभावना है कि करीब 2500 क्विंटल चावल नष्ट हुआ है. उन्होंने कहा कि अगर सीसीटीवी कैमरा ठीक रहता और रजिस्टर उपलब्ध हो पाता तो घटना का खुलासा तत्काल हो गया होता.

बुलाने पर भी नहीं आ रहा कंप्यूटर ऑपरेटर
जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने गोदाम से संबंधित रजिस्टर की मांग की गयी. इस दौरान पदाधिकारी गोदाम से संबंधित रिस्टर उपलब्ध नहीं करा पाये. पदाधिकारियों ने कहा कि रजिस्टर आदि की जानकारी कंप्यूटर ऑपरेटर को है, जिसे बुलाये जाने के बाद भी गोदाम नहीं आ रहा है.

अक्टूबर माह का शेष खाद्यान्न भुगतान कराने की मांग
पीडीएस संघ के जिलाध्यक्ष फूलकांत झा ने अक्टूबर माह का शेष खाद्यान्न का वितरण कराने की मांग जिला प्रशासन से की. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में डीलरों को गोदाम से पूरा अनाज नहीं दिया गया. वहीं शीघ्र ही अनाज वितरण देने के नाम पर लाभुकों से ऑनलाइन पंचिंग करा लिया गया है. पूरा अनाज नहीं मिलने से अब डीलरों को लाभुकों का आक्रोश झेलना पड़ रहा है.

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