जेटेट नियमावली से भूमिज भाषा को हटाने से भड़के समाज के लोग

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सरायकेला-खरसावां, झारखंड. झारखंड शिक्षक पात्रता (जेटेट) नियमावली 2025 से क्षेत्र के स्थानीय व जनजातीय भूमिज भाषा को हटाने का विरोध शुरू हो गया है. भूमिज भाषा को नियमावली से विलुप्त करने के खिलाफ झारखंड ट्राईबल भूमिज काउंसिल द्वारा विरोध करते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया. साथ ही मामले पर पुनर्विचार करते हुए भूमिज भाषा को जेटेट परीक्षा नियमावली 2025 में शामिल करने की मांग की गयी.

काउंसिल के सचिव युधिष्ठिर सरदार ने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से भूमिज समाज को गहरा आघात लगा है। वर्ष 2012-13, 2016 में भूमिज भाषा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल था. भूमिज भाषा को द्वितीय राज भाषा का दर्जा भी दिया गया है. इसके वावजूद जेटेट नियमावली से हटाना समझ से परै है. उन्होंने कहा कि अगर भूमिज भाषा को नियमावली में शामिल नहीं किया जाता है, तो समाज के सदस्य आंदोलन करेंगे.

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